धनतेरस

 

धनतेरस

 

 

धनतेरस उतर भारत और भारत में हिन्दुओ के बीच मनाया जाता है कार्तिक मॉस के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि बाले दिन समुन्दर मंथन में धन्वन्तरि देवता का जन्म हुआ था इस कारन इस दिन को धनतेरस माना जाता है दिपावली से तीन दिन पहले यह दिन आता है।

 

 धन्वन्तरि देवता को हिन्दू पुराणो के अनुसार चिकित्सा के देवता माना जाता है और इस दिन को चिकित्सा के लिए भी शुभ माना जाता है।

 

 इस दिन ख़ास रूप से लक्ष्मी माता  और धन के देवता कुवेर और मृत्यु  के देवता यम  की पूजा की जाती है।
 

 

 जिसे की हमने बताया की इस दिन धन्वन्तरि का जन्म हुआ था तब उनके हाथ में अमृत से भरा कलश भी था इस लिए इस दिन नए बर्तन खरीदने की परम्परा भी है। सोने चांदी के या पीतल के बर्तन ख़रीदे जाते है जिन का उपयोग दिपावली वाले दिन पूजा करने के लिए किया जाता है।

 

 इस दिन लक्ष्मी गणेश की पूजा के लिए मूर्ति खरीदना भी बहुत शुभ माना गया है।

 

 हिन्दू व्यापारी इस दिन को बहुत ख़ुशी से मनाते  है और पूजा करते  है।
 

 

इस दिन शाम के समय मृत्यु के देवता यमराज के नाम का दिपक घर से बाहर दक्षिण दिशा की  और  जलाया जाता है और यम का व्रत भी किया  जाता है और घर के अंदर देसी  घी का दिपक लक्ष्मी माता और कुबेर के नाम का आंगन में जलाया जाता है और बाकी देवताओं के नाम का भी।
 

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